लखनऊ। राजधानी लखनऊ और पूरे अवध इलाके में मंगलवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ले ली। सुबह करीब नौ बजे के बाद आसमान पर काले बादल छा गए और दिन में ही शाम जैसा माहौल बन गया। कई जगहों पर इतनी कम रोशनी हो गई कि वाहनों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। इसके कुछ ही देर बाद तेज हवा चली और बारिश शुरू हो गई।
शहर के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का असर अलग रहा। कहीं तेज बारिश हुई तो कहीं हल्की फुहारें पड़ीं। कैसरगंज, शास्त्रीनगर, कुंदरकी रकाबगंज समेत कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। ठंडी हवा चलने से ठिठुरन भी बढ़ गई।
हजरतगंज, गोमती नगर और अमौसी इलाके में अचानक घने बादल आने से दृश्यता घट गई। पहले धूल भरी आंधी चली और फिर तेज बारिश ने शहर को भिगो दिया। आंधी के चलते कई जगह टीन शेड उड़ गए और सड़क किनारे लगे फ्लैक्स फट गए। 1090 चौराहे के पास सड़क किनारे लगी हरी शीट हवा में उड़कर सड़क पर फैल गई। मौसम के इस बदलाव से शहर की रफ्तार कुछ देर के लिए थम सी गई। दफ्तर और स्कूल जा रहे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी और सड़कों पर ट्रैफिक भी धीमा रहा।
मौसम विभाग पहले ही बदलाव का संकेत दे चुका था। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक यह बारिश फिलहाल छिटपुट रहेगी और मंगलवार तक सीमित रहने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर पड़ने पर बुधवार से मौसम साफ होने लगेगा। तापमान में हल्की गिरावट भी दर्ज की जा सकती है, जिससे उमस से राहत मिलेगी।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण पश्चिमी यूपी से शुरू हुई बारिश का दायरा बुंदेलखंड, विंध्य और प्रयागराज मंडल तक पहुंच रहा है। प्रदेश में यह बदलाव 4 फरवरी तक बना रह सकता है। इसके बाद कोहरा कम होगा और तापमान थोड़ा गिरेगा।
मौसम विभाग ने लखनऊ समेत फतेहपुर, रायबरेली, कानपुर नगर और देहात, उन्नाव, बाराबंकी, कन्नौज, हरदोई, सीतापुर, बहराइच, गोंडा और लखीमपुर खीरी के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के साथ बारिश की चेतावनी है।
बुंदेलखंड के कई जिलों जैसे हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में बूंदाबांदी के साथ ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कुछ जिलों में झोंकेदार हवाएं भी चल सकती हैं। वहीं पूर्वी और तराई के कई जिलों में घने से बहुत घने कोहरे की आशंका जताई गई है।
मौसम के इस उतार-चढ़ाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। गेहूं की फसल पकने की कगार पर है और सरसों की कटाई का समय चल रहा है। ऐसे में आंधी, बारिश और ओले फसलों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कृषि विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि किसान अभी सिंचाई रोक दें और कटी फसल को सुरक्षित जगह पर रखें।
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