IDFC FIRST Bank का मुनाफा 48% उछला: Q3 में कमाया ₹503 करोड़ का शुद्ध लाभ, एसेट क्वालिटी में भी बड़ा सुधार

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नई दिल्ली/एनसीआर, फरवरी 2026। IDFC First Bank ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर–दिसंबर 2025) में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। बैंक का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) 503 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 48 प्रतिशत अधिक है। बैंक के निदेशक मंडल ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही और नौ माह की अवधि के अनऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दे दी है।

कारोबार और लोन ग्रोथ मजबूत

बैंक का कुल कस्टमर बिज़नेस सालाना आधार पर 22.62% बढ़कर 5,62,090 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। लोन और एडवांस 20.93% बढ़कर 2,79,428 करोड़ रुपए रहे। बैंक की लोन ग्रोथ का बड़ा हिस्सा मॉर्गेज, वाहन ऋण, उपभोक्ता ऋण, बिजनेस बैंकिंग और होलसेल लोन से आया, जिनका कुल वृद्धि में 89% योगदान रहा।

एसेट क्वालिटी में सुधार

एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर भी बैंक की स्थिति बेहतर हुई है।
ग्रॉस एनपीए घटकर 1.69% पर आ गया, जो सालाना आधार पर 25 बेसिस पॉइंट कम है।

नेट एनपीए 0.53% रहा, जो लगभग स्थिर स्तर पर है।

रिटेल, रूरल और एमएसएमई से जुड़े SMA-1 और SMA-2 खाते घटकर 0.88% रह गए।

जमा और CASA में तेज बढ़त

कस्टमर डिपॉजिट 24.35% बढ़कर 2,82,662 करोड़ रुपए हो गए। CASA डिपॉजिट में 32.96% की वृद्धि दर्ज हुई और यह 1,50,350 करोड़ रुपए तक पहुंच गया।

CASA रेश्यो बढ़कर 51.64% हो गया, जो बैंक के लिए सकारात्मक संकेत है। फंड की लागत भी घटकर 6.11% रह गई।

प्रॉफिटेबिलिटी संकेतक बेहतर

नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 5.76% रहा।

कोर ऑपरेटिंग प्रॉफिट 11.59% बढ़कर 1,937 करोड़ रुपए हो गया।

कैपिटल एडेक्वेसी रेश्यो 16.22% रहा, जो नियामकीय जरूरतों से ऊपर है।

तिमाही के दौरान प्रावधान 3.7% घटकर 1,398 करोड़ रुपए रह गए।

अन्य प्रमुख बातें

बैंक के क्रेडिट कार्ड्स की संख्या बढ़कर 43 लाख हो गई।
वेल्थ मैनेजमेंट बिज़नेस 31% बढ़कर 58,957 करोड़ रुपए तक पहुंचा।

प्रबंधन की टिप्पणी

बैंक के एमडी और सीईओ V. Vaidyanathan ने कहा कि बैंक को ऋण, जमा, वेल्थ मैनेजमेंट और ट्रांजैक्शन बैंकिंग जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में मजबूत गति दिख रही है। उनके मुताबिक, एसेट क्वालिटी में सुधार और फंड की घटती लागत आगे लोन विस्तार में मदद करेगी।

कुल मिलाकर, तीसरी तिमाही के नतीजे बैंक के लिए स्थिर ग्रोथ, बेहतर एसेट क्वालिटी और मजबूत डिपॉजिट बेस का संकेत देते हैं, जो आने वाली तिमाहियों में प्रदर्शन को सहारा दे सकते हैं।

Dr. Bhanu Pratap Singh