नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक 2026 को संबोधित करते हुए भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए बहुप्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) का औपचारिक ऐलान किया। प्रधानमंत्री ने इसे दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच मजबूत साझेदारी का प्रतीक बताते हुए कहा कि इस समझौते से भारत के उद्योग, ऊर्जा क्षेत्र और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह डील भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूती देगी और सर्विस सेक्टर को नई गति प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि आज भारत ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ी वैश्विक ताकत बन चुका है और रिन्यूएबल एनर्जी, तेल और गैस के क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। सुधारों की वजह से देश में निवेश का माहौल बेहतर हुआ है और रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं।
ब्रिटेन समझौते को भी मिलेगा बल
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत–ईयू एफटीए, भारत और ब्रिटेन के बीच पिछले वर्ष हुए व्यापार समझौते को भी समर्थन देगा। इससे यूरोप के साथ भारत का कुल व्यापार और अधिक मजबूत होगा। सरकार का मानना है कि इस करार से निवेश, रोजगार और तकनीकी सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे। इसी वजह से इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील’ के रूप में देखा जा रहा है।
18 साल बाद पूरी हुई डील
भारत और यूरोपीय संघ के बीच यह समझौता करीब 18 वर्षों से अटका हुआ था, जो अब जाकर ‘एग्रीमेंट इन प्रिंसिपल’ के रूप में पूरा हुआ है। यह भारत की अब तक की सबसे बड़ी मार्केट ओपनिंग में से एक मानी जा रही है। 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा की मौजूदगी ने इस समझौते को और मजबूती दी।
140 करोड़ भारतीयों के लिए बड़ा अवसर
यह करार करीब 140 करोड़ भारतीयों और यूरोपीय नागरिकों के लिए नए अवसर लेकर आया है। यह समझौता वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद के लगभग 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार के करीब एक-तिहाई हिस्से को कवर करता है। हालांकि कुछ भारतीय उद्योगों ने बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर चिंता जताई है, ऐसे में ट्रांजिशन पीरियड और सुरक्षा प्रावधानों की मांग भी सामने आ सकती है।
गोवा में हुआ कार्यक्रम का उद्घाटन
इंडिया एनर्जी वीक 2026 का उद्घाटन गोवा में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने किया। कार्यक्रम में संयुक्त अरब अमीरात के उद्योग एवं उन्नत तकनीक मंत्री सुल्तान अहमद अल जाबेर, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत सहित कई देशों के मंत्री, उद्योग जगत के नेता और नीति विशेषज्ञ शामिल हुए।
भारत–ईयू करार से स्थिरता का नया दौर: कोस्टा
दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ भरोसेमंद साझेदार हैं। यह एफटीए ऐतिहासिक है और इससे दो बड़े लोकतंत्र एक साथ आए हैं। उन्होंने कहा कि यह समझौता वैश्विक स्थिरता और शांति के लिए भी अहम साबित होगा।
कुल मिलाकर भारत–यूरोपीय संघ के बीच हुआ यह समझौता सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि बदलती वैश्विक सप्लाई चेन के दौर में दोनों अर्थव्यवस्थाओं को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
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