Agra News: एत्मादपुर के सँवाई गांव में जंगली जानवर के हमले से फैली दहसत, आधा दर्जन लोग घायल, एक की हालत गंभीर

स्थानीय समाचार

आगरा। एत्मादपुर क्षेत्र के गांव सँवाई में बुधवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया जब एक जंगली जानवर अचानक आबादी क्षेत्र में घुस आया और लोगों पर हमला कर दिया। हमले में आधा दर्जन लोग घायल हो गए, जिनमें से एक महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है। जानवर के हमले से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है ।

रात में घरों और आंगनों में घुसा जंगली जानवर

ग्रामीणों के अनुसार, जंगली जानवर देर रात लगभग 11 बजे गांव के बीचोंबीच घुस आया। उसने सबसे पहले घरों के बाहर बैठे लोगों पर झपट्टा मारा और फिर आंगन में घुसे लोगों को भी घायल कर दिया।

हमले में वंदना नामक महिला सहित कई लोग घायल हुए हैं। गंभीर रूप से घायल महिला को प्राथमिक उपचार के बाद सीएचसी एत्मादपुर रेफर किया गया, जबकि अन्य घायलों का गांव में ही उपचार किया गया। कई लोगों के शरीर पर गहरे जख्म और टांके लगे हैं।

पशुओं पर भी किया हमला

हमले में सिर्फ लोग ही नहीं, बल्कि पशु भी निशाना बने। गांव में कई गाय और बकरियां घायल हो गईं। ग्रामीणों का कहना है कि जानवर आकार में बड़ा और बेहद आक्रामक था। लोगों ने अनुमान जताया कि वह तेंदुआ या जंगली सुअर हो सकता है।

रातभर दहशत में रहे ग्रामीण

हमले के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल रहा। ग्रामीण सोनू ने बताया कि लोग रातभर घरों में दरवाजे बंद कर बैठे रहे। किसी की हिम्मत नहीं हुई कि बाहर निकले। बच्चों और बुजुर्गों में डर का माहौल है।

पुलिस और वन विभाग की टीम ने की घेराबंदी

घटना की सूचना मिलने पर 112 पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर जानवर की तलाश शुरू की गई है। टीम ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और रात में अकेले बाहर न निकलने की हिदायत दी है।

ग्रामीणों की मांग — जल्द पकड़ा जाए जानवर

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जंगली जानवर को जल्द पकड़ा जाए, ताकि गांव में फिर से शांति और सुरक्षा बहाल हो सके। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से आसपास के खेतों में जानवरों की आवाजाही देखी जा रही थी, लेकिन प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया।

हमले के बाद घायल ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार दिया गया। गांव में वन विभाग की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। ग्रामीणों ने कहा — “जब तक जानवर पकड़ा नहीं जाता, गांव में चैन नहीं है।”

Dr. Bhanu Pratap Singh