आगरा। नगर निगम के सेनेटरी इंस्पेक्टर सहित 20 के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने से शुक्रवार को कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने हड़ताल करते हुए नगर निगम में तालाबंदी कर दी। कर्मचारियों की अधिकारियों के साथ जमकर बहस हुई। शहर में सुबह से कूड़ा भी नहीं उठा।
यह मुकदमा विगत दिवस शाहगंज क्षेत्र में खेरिया मोड़ पर भाजपा विधायक भगवान सिंह कुशवाह के रिश्ते के चाचा की दुकान पर कार्रवाई के दौरान बवाल के बाद लिखाया गया। नगर निगम की टीम पॉलीथिन के खिलाफ अभियान के तहत सराय ख्वाजा गई थी। वहां नत्थी मिष्ठान भंडार की दुकान पर प्लास्टिक का गिलास का प्रयोग हो रहा था। टीम ने चालान काट दिया।
आरोप है कि कार्रवाई से खफा दुकानदार ने नगर निगम की टीम के एक सदस्य को थप्पड़ मार दिया। इसी बात पर नगर निगम की टीम गुस्से में आ गई और दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। सेनेटेरी इंस्पेक्टर ने बिना कोई नोटिस दिए बुलडोजर से दुकान का काउंटर और शटर तोड़ दिया।
घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वीडियो में नगर निगम की टीम के कर्मचारी मारपीट करते दिख रहे हैं। बुलडोजर से दुकान का शटर तोड़ा जा रहा है। पुलिस ने नत्थी मिष्ठान भंडार के जगदीश कुशवाह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया।
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने मीडिया को बताया कि मुकदमे में प्रदीप गौतम और प्रताप नामजद हैं। बीस अज्ञात कर्मचारियों का जिक्र है। मुकदमा बलवा, मारपीट, जानलेवा हमला, छेड़छाड़, लूट आदि धाराओं के तहत लिखाया गया है।
इसकी जानकारी होने पर शुक्रवार सुबह से सफाई कर्मचारियों के सभी संगठनों ने नगर निगम पहुंचकर हंगामा किया। उन्होंने हड़ताल की घोषणा करते हुए नगर आयुक्त समेत सभी अधिकारियों के कमरों में जबरन ताले लगा दिए। तालाबंदी के दौरान कर्मचारियों की अधिकारियों से नोकझोक भी हुई। हड़ताल से शहर में सफाई कार्य ठप हो गया।
हड़तालियों ने घोषणा की कि जब तक एफआईआर वापस नहीं होगी, सफाई व्यवस्था ठप रहेगी। उन्होंने बल्केश्वर में चल रहे मेले की वायरल हो रहे हैं, जिनमें नगर निगम की टीम की कार्रवाई को बिना नोटिस और प्रक्रिया के दिखाया जा रहा है। यही वीडियो अब निगम कर्मियों के लिए सिरदर्द बन गया है। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक दबाव में निगमकर्मियों को फंसाया जा रहा है और अधिकारियों ने भी उन्हें धोखे में रखा। कर्मचारी संगठनों ने थाने और विधायक आवास के घेराव का ऐलान कर दिया है।
सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप करने की चेतावनी दी है। कर्मचारी नेताओं ने नगर आयुक्त पर दुकानदार को बचाने और कर्मचारियों को फंसाने का आरोप लगाया।
दरअसल, घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें नगर निगम की टीम की कार्रवाई को बिना नोटिस और प्रक्रिया के दिखाया जा रहा है। यही वीडियो अब निगम कर्मियों के लिए सिरदर्द बन गया है।
इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक दबाव में निगमकर्मियों को फंसाया जा रहा है और अधिकारियों ने भी उन्हें धोखे में रखा। कर्मचारी संगठनों ने थाने और विधायक आवास के घेराव का ऐलान कर दिया है।
- पठानों से कहना, चौहान आ रहा है….अजय देवगन ने ‘चौहान’ के साथ किया धमाकेदार कमबैक का ऐलान - June 27, 2026
- खाटू श्याम के भजनों से भक्तिमय हुआ आगरा: ‘श्याम अरदास संकीर्तन’ में देर रात तक झूमे श्रद्धालु - June 27, 2026
- यूपी के प्रधानों को ‘प्रशासक’ बनाने के फैसले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की रोक, सरकार को बड़ा झटका - June 26, 2026