Agra, Uttar Pradesh, India. एक्टिविस्ट डॉ. नूतन ठाकुर ने 04 फरवरी, 2021 को थाना जगनेर, आगरा में संभावित फर्जी मुठभेड़ के संबंध में उच्चस्तरीय जाँच कराये जाने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, डीजीपी यूपी एचसी अवस्थी एवं अन्य अफसरों को शिकायत भेजी है।
शिकायत में नूतन ठाकुर ने कहा है – मुझे 05 फरवरी, 2021 को भंवर सिंह पुत्र हरि सिंह निवासी बसई वासी पहाड़पुर, रूपवास, जनपद भरतपुर, राजस्थान मोबाइल नंबर 9001659871 ने मेरे मोबाइल नंबर 9415534525 पर समय लगभग 12.00 बजे फोन किया। उन्होंने बताया कि चार फरवरी, 2021 को प्रातः लगभग चार बजे उनके चचेरे भाई पप्पू सिंह तोमर उम्र लगभग 35-36 वर्ष पुत्र अंगद सिंह, निवासी बसई वासी पहाड़पुर, रूपवास, जनपद भरतपुर, राजस्थान अपने भतीजे 12-13 वर्षीय बच्चे पंकज पुत्र श्री नारायण सिंह के साथ अपनी स्वयं की गाड़ी संख्या RJ05 UA9275 से रूपवास से धौलपुर, राजस्थान जा रहे थे। रास्ते में आगरा जनपद में सरैंधी चौराहा, थाना जगनेर, जनपद आगरा में पुलिस वालों ने पप्पू की गाड़ी को अचानक रुकवाया और पप्पू को नीचे उतार कर उनके पाँव में गोली मार दी। इसके बाद पुलिसवाले पप्पू सिंह को घायल अवस्था में इमरजेंसी, आगरा अस्पताल ले गए। 12-13 वर्षीय पंकज को भी थाने ले गए, जहाँ से शायद उसे जेल भेज दिया है।
भंवर सिंह ने बताया कि उन्हें ये बातें स्थानीय दुकानदारों आदि के माध्यम से ज्ञात हुई। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि पप्पू सिंह को गाड़ी में से उतार कर गोली मारने के पूर्व मौके पर पुलिस तथा कुछ बदमाशों में फायरिंग हुई थी। मौके पर एक अवैध खनन से जुड़ा वाहन भी पलटा हुआ था। भंवर सिंह ने कहा कि पप्पू सिंह दुबले-पतले अत्यंत साधारण किस्म के कमजोर आदमी हैं। पप्पू के बड़े भाई की मौत हो चुकी है। उनके भतीजे का पहले ऑपरेशन हो चुका है और उसका पेट पहले से फटा है। पुलिस ने किसी भी व्यक्ति को पप्पू सिंह से मिलने तक नहीं दिया। गाँव के लोग जब इमरजेंसी में पप्पू सिंह से मिलने गए तो गाँव वालों को दो-तीन घंटे तक बैठा लिया और धमकी दी कि यदि वे इस मामले में कुछ करेंगे तो उन्हें भी गैंग का मेम्बर बना कर जेल भेज देंगे।
भंवर सिंह ने कहा कि उनके परिवार वाले पूरी तरह ग्रामीण व्यक्ति हैं। अवैध खनन आदि से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने जबरदस्ती इस मामले में फंसा दिया है। पुलिस ने पूरी तरह फर्जी ढंग से यह मुठभेड़ दिखाई है। उनके भाई को पैर में गोली मारी है। उन्होंने अपने भतीजे पंकज कुमार का आधार कार्ड संख्या 369680563017 भी भेजा, जिसके अनुसार उसकी जन्मतिथि दिनांक 05/01/2007 है। इस आधार पर उसकी उम्र 14 वर्ष हुई। उन्हें अब तक अपने भाई तथा अपने भतीजे के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली है। स्थानीय थाने पर पूछने पर वे इसका कोई भी सही उत्तर नहीं दे रहे हैं.
इस आधार पर शिकायत में नूतन ठाकुर ने कहा है कि प्रथम दृष्टया उपरोक्त तथ्य अत्यंत गंभीर प्रकृति के जान पड़ते हैं। इस सम्भावना से कदापि इनकार नहीं किया जा सकता है कि यह फर्जी पुलिस मुठभेड़ का मामला हो। भंवर सिंह की बात और आवाज से यह पूरी तरह स्पष्ट दिखता है कि वे सीधे-सादे पीड़ित व्यक्ति हैं, जिनके द्वारा कही जा रही बातें पूरी तरह सही जान पड़ती हैं। उन्होंने अविलंब इस मामले की उच्चस्तरीय जाँच कराने की मांग की है।
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