ये फोटो ले डूबेगा राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश को, कोर्ट ने प्रदेश अध्यक्ष संजय मेधावी को लखनऊ से आगरा तलब किया

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ये फोटो ले डूबेगा राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश को, कोर्ट ने तलब किया

मामले की पृष्ठभूमि

आगरा। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के संस्थापक सदस्य पूर्व प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष
डॉ देवी सिंह नरवार
ने एक बड़ा मुद्दा उठाया है। उनके प्रार्थना पत्र पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आगरा न्यायालय संख्या 10 में महासंघ के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष
संजय मेधावी
निवासी अलीगंज लखनऊ को न्यायालय में
7 मार्च 2026
को तलब किया है। आरोप लगाया है कि कूटरचित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चुनाव हुआ है।
डॉक्टर नरवार की ओर से
रवि चौधरी एडवोकेट
पैरवी कर रहे हैं।

प्रार्थी का परिचय

आगरा। डॉ० देवी सिंह नरवार पुत्र स्व० श्री भगवान सिंह उम्र-74 वर्ष निवासी
45-एस. एच०आर० एस्टेट, मौजा कलवारी, बोदला बिचपुरी रोड, आगरा-10
का निवासी है। प्रार्थी डिप्टी रजिस्ट्रार, फर्म्स, सोसाइटीज एण्ड चिट्स, लखनऊ के द्वारा पंजीकृत (रजिस्टर्ड) संस्था
‘राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश’
लखनऊ कार्यालय का पता-भाऊराव देवरस परिसर, निकट सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कॉलेज, क्यू-सेक्टर, अलीगंज, लखनऊ का संस्थापक सदस्य है।

स्मृति-पत्र और पंजीकरण का विवरण

‘राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश’ के गठन के समय संस्था के स्मृति-पत्र पर प्रार्थी का नाम क्रमांक-18 पर अंकित है तथा प्रार्थी के हस्ताक्षर हैं।
संस्था की पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) संख्या
2491/97-98
है तथा पत्रावली संख्या
1-121617
है। यह संगठन उ०प्र० सरकार द्वारा जारी राजाज्ञा सं0
2986/15-8-2001-3053/2001 दिनांक 13 सितम्बर 2001
के द्वारा मान्यता प्राप्त संगठन है।

तीन दशकों का योगदान

प्रार्थी ने संगठन के गठन के समय से ही संगठन के विभिन्न उत्तरदायी पदों का निर्वहन करते हुये संगठन की रीति-नीति, उसके प्रावधानों के तहत निष्ठावान समर्पित कार्यकर्ता के रूप में अपने जीवन का अमूल्य समय
30 वर्ष
इस संगठन को सुदृढ करने, गति देने, विस्तार करने तथा संगठन के समय-2 पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों को सफल बनाने में अपना मूल्यवान सकारात्मक योगदान तथा सहयोग दिया है। जिसके साक्ष्य मौजूद हैं।
अवसर आने पर अभिलेखों तथा साक्ष्यों सहित इस कथन की पुष्टि की जायेंगी।

फर्जी चुनाव को लेकर शिकायत

प्रार्थी द्वारा पत्रावली संख्या-1-121617 राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश, लखनऊ की संशोधित नियमावली के प्रावधानों, नियमों एवं उपनियमों के विपरीत प्रदेश अध्यक्ष तथा प्रदेश कार्यसमिति के
13 जुलाई 2025
को सम्पन्न फर्जी, कूटरचित, निराधार, असत्य, मनगढ़न्त, भ्रमक तथा तथ्यों एवं साक्ष्यों से परे निर्वाचन (चुनाव) को अमान्य करते हुए रद्द करने के सम्बन्ध में श्रीमान् डिप्टी रजिस्ट्रार महोदय, फर्म्स, सोसाइटीज एण्ड चिट्स, लखनऊ मण्डल लखनऊ (उ०प्र०) क्षेत्रीय कार्यालय-विकास दीप बिल्डिंग, तृतीय तल, 22 स्टेशन रोड, लखनऊ-226001 को प्रत्यावेदन दिनाक
05.08.2025
के द्वारा शिकायत रजिस्टर्ड डाक से भेजी गयी है। प्रकरण निस्तारण हेतु लम्बित है।

दीप प्रज्ज्वलन से जुड़ा गंभीर आरोप

यह कि संस्था की कूटरचित फर्जी, मनगढन्त नवनिर्वाचित / गठित प्रदेश कार्य समिति / प्रबन्धकारिणी समिति की दिनांक
03 अगस्त 2025
समय प्रातः 10:00 बजे से सांय 05:00 बजे तक स्थान-एस.आर. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स एन एच-24, बक्शी का तालाब, सीतापुर रोड लखनऊ पर सम्पन्न बैठक के प्रारम्भ में मंच पर उपस्थित संस्था के कूटरचित फर्जी निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष
डॉ० संजय मेधावी,
नवनिर्वाचित प्रदेश महामंत्री जोगेन्द्र पाल सिंह, निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष डॉ० निर्मला यादव, निवर्तमान संयुक्त महामंत्री / कार्यवाहक संयुक्त महामंत्री डॉ० कमल कौशिक, संगठन के प्रदेश प्रभारी श्रीमान् महेन्द्र कुमार जी की उपस्थिति में माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के दौरान विपक्षी द्वारा केवल एक हाथ से दीप प्रज्ज्वलन कर धार्मिक परंपरा का उल्लंघन किया गया।

धार्मिक भावनाओं को ठेस

भारतीय संस्कृति में धार्मिक अनुष्ठान दोनों हाथों से विधि विधान से किया जाता है। विपक्षी उच्च शिक्षित प्रोफेसर होने के बावजूद पद की गरिमा के विपरीत आचरण करते हुए माँ सरस्वती का अपमान किया गया।
इससे संगठन के हजारों शिक्षकों एवं कार्यकर्ताओं की
धार्मिक भावनाएँ आहत
हुई हैं। दीप प्रज्ज्वलन के समय का फोटो संलग्न है। इस अशोभनीय व्यवहार से संगठन की छवि धूमिल हुई है।

संपादकीय

74 वर्ष की उम्र में भी
डॉ देवी सिंह नरवार
का अन्याय और अनियमितताओं के विरुद्ध न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाना उनके अदम्य साहस और नैतिक शक्ति को दर्शाता है।
आज जब अधिकांश लोग चुप्पी को सुविधा मान लेते हैं, ऐसे समय में उनका खड़ा होना संगठन की आत्मा को बचाने का प्रयास है।
इतिहास गवाह है कि जो सच के साथ खड़ा होता है, वही परिवर्तन की नींव रखता है।

डॉ भानु प्रताप सिंह, संपादक

 

Dr. Bhanu Pratap Singh