मथुरा: मौत के महीनों बाद कब्र से निकाले गए मासूम के अवशेष, डीएनए जांच से खुलेगा सच! जाने क्या है पूरा मामला

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मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के मगोर्रा थाना अंतर्गत नगला खुटिया गांव में उस समय एक कानूनी और संवेदनशील प्रक्रिया संपन्न हुई, जब न्यायालय के आदेश पर एक मृत बालिका के अवशेषों को अंत्येष्टि स्थल से बाहर निकाला गया। यह कदम बालिका के पिता पर लगे गंभीर दुराचार के आरोपों की वैज्ञानिक जांच और सत्यता की पुष्टि के लिए उठाया गया है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह पूरा प्रकरण नगला खुटिया निवासी महिला (मूल निवासी पनवारी, सिकंदरा) से जुड़ा है। महिला ने अपने ही पिता किशनपाल चाहर पर नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगाते हुए सिकंदरा थाने में मामला दर्ज कराया था। इसी दौरान महिला ने एक बालिका को जन्म दिया था। कुछ माह पूर्व, यह बालिका घर में गर्म दूध से झुलस गई थी, जिसके बाद उसे उपचार हेतु जयपुर ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी। उस समय परिजनों ने नियमानुसार उसका अंतिम संस्कार कर दिया था।

​न्यायालय के निर्देश पर हुई कार्रवाई

मामले की सुनवाई के दौरान, न्यायालय ने मामले से जुड़े साक्ष्यों और बालिका की जैविक पहचान की पुष्टि के लिए डीएनए जांच का आदेश दिया था। इसी आदेश के अनुपालन में गुरुवार को सिकंदरा और मगोर्रा पुलिस की संयुक्त टीम भारी प्रशासनिक अमले के साथ नगला खुटिया पहुंची। कड़ी सुरक्षा के बीच अंत्येष्टि स्थल पर खुदाई कर बालिका के अवशेषों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

​जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजरें

मगोर्रा थाना प्रभारी हरीश चौधरी ने बताया कि न्यायालय की मंशा के अनुरूप अवशेषों को परीक्षण के लिए कब्जे में ले लिया गया है। इन अवशेषों को डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई और स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। वर्तमान में यह पूरा मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।

Dr. Bhanu Pratap Singh