वाराणसी। धर्मनगरी वाराणसी में गंगा के जलस्तर में एक बार फिर से तीव्र बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, जिससे स्थानीय प्रशासन और तटवर्ती इलाकों के लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के राजघाट गेज स्टेशन से सोमवार सुबह 8 बजे जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, गंगा का जलस्तर बढ़कर 69.90 मीटर तक पहुंच गया है। वर्तमान में पानी 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से ऊपर चढ़ रहा है।
राजघाट पर गंगा का निर्धारित चेतावनी स्तर 70.262 मीटर है, जिसके चलते मौजूदा जलस्तर चेतावनी बिंदु से महज 36.2 सेंटीमीटर नीचे है। इसके अलावा, नदी का खतरे का निशान 71.262 मीटर और अब तक का उच्चतम बाढ़ स्तर (H.F.L.) 73.901 मीटर दर्ज है।
घाटों की सीढ़ियां डूबीं, आवाजाही पर असर की आशंका
गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण शहर के प्रमुख और प्रसिद्ध घाटों की निचली सीढ़ियां धीरे-धीरे पानी में समाने लगी हैं। इसके चलते स्नान, पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक गतिविधियों के लिए जगह लगातार कम होती जा रही है। यदि पानी के बढ़ने का यह सिलसिला इसी प्रकार जारी रहा, तो आने वाले घंटों में घाटों के आसपास आम लोगों की आवाजाही के साथ-साथ नावों का संचालन भी बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
तटवर्ती इलाकों में अलर्ट, प्रशासन रख रहा है नजर
नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गंगा किनारे बसे निचले इलाकों में रहने वाले स्थानीय लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन और केंद्रीय जल आयोग लगातार पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को लगातार यह सलाह दी जा रही है कि वे नदी के किनारे अनावश्यक रूप से जाने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। यदि जलस्तर बढ़ने की मौजूदा रफ्तार यही रही, तो आने वाले कुछ घंटों में गंगा चेतावनी बिंदु को पार कर सकती है, हालांकि बढ़ोतरी की गति में बदलाव होने पर स्थिति में फेरबदल भी संभव है।
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