जापान की ह्योगो यूनिवर्सिटी के एक शोध में सामने आया है कि वर्क प्लेस पर कर्मचारियों के पास रखा गया एक छोटा-सा प्लांट भी उनके स्ट्रेस लेवल को कम करने का काम करता है।
यह शोध इंडोर प्लांट्स द्वारा कर्मचारियों की मेंटल हेल्थ को बूस्ट करने के उद्देश्य से किया गया। खासतौर पर इस शोध के केंद्र में उन एंप्लाइज को रखा गया, जो ज्यादातर वक्त बंद फ्लोर्स पर काम करते हैं, जिन्हें बाहर के वातावरण और हरियाली के बीच ज्यादा एक्सपोजर नहीं मिल पाता।
हम सभी जानते हैं कि प्लांट्स के बीच रहने से इंसान का मूड बेहतर और सेहत अच्छी रहती है लेकिन इस शोध के जरिए सामने आया कि आखिर प्लांट्स किसी इंसान के मानसिक और शरीरिक तनाव को कितने प्रतिशत तक कम कर सकते हैं। खासतौर पर इंडोर प्लांट्स। इसके लिए शोधकर्ताओं ने रियल ऑफिस को ही अपना शोध क्षेत्र बनाया।
यह स्टडी ओवन जर्नल हॉर्ट टेक्नोलॉजी में पब्लिश की गई है। शोधकर्ताओं का कहना है कि आज भी कई लोग इस बात को स्वीकार नहीं करते हैं कि वर्कप्लेस पर रखे गए छोटे-छोटे प्लांट्स कर्मचारियों का तनाव कम करने का काम करते हैं इसलिए उन्होंने इस विषय पर सायंटिफिक प्रूव्स मुहैया कराने के उद्देश्य से इस स्टडी को किया। रिसर्च में हमने 63 ऐसे कर्मचारियों को शामिल किया जो घंटों एक ही डेस्क पर बैठकर काम करते थे।
शोधकर्ताओं ने इस स्टडी के दौरान स्टेट-ट्रऐट एंग्जाइटी इंवेंट्री के जरिए कर्मचारिओं के साइकोलॉजिकल और सोशियोलॉजिकल स्ट्रेस को मापा। इस दौरान उनके डेली वर्क रुटीन को फॉलो करते हुए प्लांट रखने से पहले और प्लांट रखने के बाद उनकी पल्स रेट को मापा गया। इसमें सामने आया कि प्लांट रखने के मात्र 3 मिनट बाद ही उनकी पल्स रेट काफी कम हो गई थीं।
एक्टिवली और पेसिवली
इस स्टडी के दौरान थकान के वक्त किसी एंप्लॉयी द्वारा किसी प्लांट को निहारते रहने से उसके मूड पर किस तरह प्रभाव पढ़ता है यह भी जानने का प्रयास किया गया। शोध में पता चला कि वर्क स्टेशन के पास प्लांट होने से इस प्लांट की मौजूदगी का असर कर्मचारी पर एक्टिवली और पेसिवली दोनों तरह से होता है। यानी चाहे व्यक्ति प्लांट की तरफ देख ना रहा हो लेकिन उसकी प्रजेंस भी कर्मचारी का स्ट्रेस लेवल कम करने का काम करती है।
प्लांट रखने से पहले लिए गए डेटा को जब प्लांट रखने के बाद लिए गए डेटा के साथ कंपेयर किया गया तो शोध में सामने आया कि वर्कस्टेशन पर रखा गया छोटा-सा पौधा मानसिक और शारीरिक दोनों तरह के तनाव को कम करने में मदद करता है। कर्मचारियों का व्यवहार पहले की तुलना में कहीं अधिक शांत और सकारात्मक देखा गया।
-एजेंसियां
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