मुंबई। हाल ही में आयोजित फिल्म ‘रामायण’ के एक विशेष और भव्य प्रीमियर में जानी-मानी अभिनेत्री शीना चौहान ने शिरकत की। इस स्टार-डडड (Star-studded) प्रीमियर में आलिया भट्ट और रकुल प्रीत सहित फिल्म इंडस्ट्री की कई नामचीन हस्तियां शामिल हुईं। इस अवसर पर अभिनेत्री ने भारतीय कथा-कहने (Storytelling) की समृद्ध परंपरा, हमारे समृद्ध इतिहास और शाश्वत सच्चाइयों को दुनिया भर के दर्शकों तक पहुँचते देख गहरा गर्व व्यक्त किया। शीना चौहान ने निर्देशक नितेश तिवारी की परिकल्पना को पर्दे पर जीवंत होते देखने और इस महाकाव्य में महिला पात्रों के सशक्त व नए दृष्टिकोण पर खुलकर अपने विचार साझा किए।
सीता का योद्धा राजकुमारी वाला रूप बेहद रोमांचक: शीना चौहान
जब शीना चौहान से पूछा गया कि इस ‘रामायण’ में सीता के चित्रण में उन्हें सबसे खास क्या लगा, तो उन्होंने कहा, “हम सब सीता को बचपन से ही त्याग, शक्ति और भक्ति की मूर्ति के रूप में देखते आए हैं। लेकिन, नितेश तिवारी की रामायण में सीता को एक ‘योद्धा राजकुमारी’ के रूप में नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करना मुझे विशेष रूप से रोमांचित करता है। उनका साहस, आंतरिक शक्ति और अपने निर्णय स्वयं लेने की क्षमता इस चरित्र के एक बिल्कुल नए पहलू को सामने लाती है। यह उस महान चरित्र का एक ताज़गी भरा और बेहद सशक्त रूप है, जिसने सदियों से पीढ़ियों को प्रेरित किया है।”
भारतीय सिनेमा का बढ़ता दायरा और पौराणिक कहानियों का आकर्षण
इतने भव्य सिनेमाई कैनवास पर रामायण को देखने के अपने अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि भारतीय कहानी कहने की परंपरा से उनका पहला परिचय रामायण के माध्यम से ही हुआ था। इस कालजयी गाथा को इतने बड़े पैमाने पर जीवंत देखना उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा।
यह पूछे जाने पर कि क्या भारतीय सिनेमा में आध्यात्मिक और पौराणिक कहानियों के प्रति कोई नया आकर्षण देखने को मिल रहा है, शीना ने सहमति जताते हुए कहा, “बिल्कुल! आज दर्शक केवल पारंपरिक मनोरंजन से आगे बढ़कर ऐसी कथाओं की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जो उन्हें कुछ गहरा और आत्मिक अनुभव कराती हैं। सिनेमा के प्रति एक नई सराहना देखने को मिल रही है, जो लोगों को उनकी जड़ों, आस्था और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ती है। इस दौर की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इन कहानियों में सशक्त महिला पात्र भी प्रमुखता से सामने आ रहे हैं। रामायण से लेकर अन्य धार्मिक और आध्यात्मिक प्रोजेक्ट्स तक, हम महिलाओं को अद्भुत साहस और दृढ़ विश्वास के साथ चित्रित होते देख रहे हैं।”
’संत तुकाराम’ में अवली के किरदार को किया याद
स्वयं एक आध्यात्मिक पृष्ठभूमि वाली फिल्म का हिस्सा रह चुकीं शीना चौहान ने अपनी पिछली यात्रा को याद करते हुए कहा, “संत तुकाराम जैसी आध्यात्मिक और भक्तिमय फिल्म में ‘अवली’ का किरदार निभाते हुए मैंने इस जुड़ाव को बेहद करीब से महसूस किया है। यह बेहद उत्साहजनक है कि अधिक से अधिक फिल्म निर्माता इस क्षेत्र में इतने जुनून और भव्यता के साथ काम कर रहे हैं।”
अंत में रामायण की पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि यह फिल्म केवल एक सिनेमा भर नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, विरासत और सभ्यता का सर्वोच्च प्रतिनिधित्व करती है।
अभिनय के विविध रंग तलाश रही हैं शीना
संत तुकाराम में ‘अवली’ की भूमिका से लेकर अपनी आगामी बायोपिक में एक शैतानी स्त्री (‘लिलिथ’) तक, शीना चौहान ने अपने करियर में विभिन्न और चुनौतीपूर्ण प्रकार के किरदार निभाए हैं। वह लगातार ऐसे किरदारों की तलाश में रहती हैं जो अभिनय के स्तर पर चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ दर्शकों को भी गहराई से प्रेरित करें। अपने अभिनय में भावनात्मक गहराई और तीव्रता के लिए पहचानी जाने वाली शीना भविष्य में और भी जटिल, सशक्त और अर्थपूर्ण भूमिकाएं निभाने के लिए पूरी तरह उत्सुक हैं।
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