यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का भव्य उद्घाटन: सीएम योगी बोले— ‘ओडीओपी’ ने पारंपरिक हुनर को दी नई वैश्विक पहचान, दुनिया तक पहुंच रहे यूपी के उत्पाद

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नोएडा/लखनऊ: उत्तर प्रदेश की आर्थिक और औद्योगिक प्रगति के प्रतीक बन चुके ‘यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो’ (UP International Trade Show) के चौथे संस्करण का आगाज नोएडा के प्रतिष्ठित इंडिया एक्सपो मार्ट में धूमधाम से किया गया है। इस भव्य आयोजन का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक हुनर, स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारे प्रदेश में प्रतिभा और क्षमता की कभी कोई कमी नहीं रही, बल्कि जरूरत केवल उन्हें एक सही मंच और प्रोत्साहन देने की थी।

​केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का मिला सानिध्य

इस गरिमामयी ट्रेड शो के उद्घाटन अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि अमित शाह के मार्गदर्शन से इस आयोजन को एक नई ऊंचाई मिल रही है। इसके साथ ही, कार्यक्रम में पार्टनर देशों के रूप में शामिल हुए जापान, सिंगापुर और बेलारूस के राजदूतों व उच्चायुक्तों (High Commissioners) का भी भव्य स्वागत किया गया। इस ट्रेड शो में दुनिया के करीब 90 अलग-अलग देशों से आए विदेशी खरीदार (Foreign Buyers) और प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि पिछले साल इस ट्रेड शो के दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुमूल्य मार्गदर्शन प्राप्त हुआ था।

ओडीओपी (ODOP) योजना से बदली पारंपरिक उद्योगों की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो पिछले चार वर्षों से लगातार प्रदेश के स्वदेशी उत्पादों को एक वैश्विक मंच प्रदान कर रहा है। इसके जरिए राज्य के कोने-कोने में तैयार होने वाली कला और वस्तुओं को दुनिया के सामने लाने का बेहतरीन अवसर मिल रहा है। प्रदेश के खास उत्पादों—विशेषकर एमएसएमई (MSME), ओडीओपी (ODOP) और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूपिज़ीन’ (One District One Cuisine)—को आगे बढ़ाने में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का निरंतर मार्गदर्शन और प्रेरणा मिल रही है।

​उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद पारंपरिक उद्यमों और स्थानीय कारीगरों के हुनर को नई पहचान दिलाने के लिए ‘एक जिला, एक उत्पाद’ (ODOP) योजना की शुरुआत की गई। डबल इंजन सरकार ने स्थानीय कारीगरों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। आज राज्यभर में बने एक्सप्रेसवे और बेहतर होती सड़क-हवाई कनेक्टिविटी के कारण एक ऐसा मजबूत नेटवर्क तैयार हो चुका है, जिससे यूपी के उत्पाद देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के बाजारों तक आसानी से पहुंच रहे हैं। इसके अलावा, स्किल डेवलपमेंट और मुफ्त टूलकिट वितरण जैसी योजनाओं ने भी पारंपरिक कारीगरों को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

​’भारत कभी दुनिया में सोने की चिड़िया के नाम से जाना जाता था’

इतिहास के पन्नों को याद करते हुए सीएम योगी ने कहा कि एक समय था जब भारत पूरी दुनिया में ‘सोने की चिड़िया’ के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता था। समय के साथ देश की आंतरिक शक्तियां बंटीं और भारत को गुलामी का सामना करना पड़ा। उस लंबे दास्तां के दौर का कुप्रभाव केवल देश की राजनीतिक आजादी तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका सबसे बड़ा नुकसान हमारे हस्तशिल्प, बुनकरों और पारंपरिक हुनरमंदों को उठाना पड़ा।

​उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि आजादी मिलने के बाद भी लंबे समय तक इन हुनरमंद लोगों को वह जरूरी मंच और प्रोत्साहन नहीं मिल पाया जिसके वे असली हकदार थे। इसका प्रतिकूल प्रभाव यह हुआ कि नई पीढ़ी धीरे-धीरे अपने पारंपरिक पुश्तैनी कार्यों और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से कटने लगी थी। लेकिन अब राज्य सरकार की नीतियों के कारण इन पारंपरिक कलाओं और कारीगरों का स्वर्णिम दौर फिर से लौट रहा है।

Dr. Bhanu Pratap Singh