आगरा। प्यार, अटूट विश्वास और सात फेरों के सपनों के बीच शुरू हुई एक युवती की जिंदगी अब गंभीर आपराधिक आरोपों, आर्थिक धोखाधड़ी और पुलिसिया सुस्ती के भंवर में फंसकर रह गई है। आरोप है कि युवक ने पहले युवती को प्रेमजाल में फंसाया, फिर शादी का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इतना ही नहीं, युवती का दावा है कि उसने युवक की जरूरतों के लिए लाखों रुपये खर्च किए और उसके नाम पर कर्ज तक लिया। जब शादी की बात आगे बढ़ी तो कथित तौर पर युवक ने दूरी बना ली। अब पीड़िता न्याय की गुहार लगा रही है। मामले में सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई को लेकर है। आगरा में दर्ज जीरो एफआईआर को उत्तराखंड स्थानांतरित किए करीब 40 दिन बीतने के बावजूद युवती का आरोप है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
मामला आगरा की करीब 27 वर्षीय युवती और दिल्ली निवासी नमन छाबड़ा से जुड़ा है। नमन ऋषिकेश में एक रिसॉर्ट का मालिक बताया गया है। युवती ने पुलिस को दी शिकायत में अपने साथ शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने, आर्थिक शोषण और धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। शिकायत में युवक के पिता को लेकर भी गंभीर आरोप शामिल हैं।
होटल में नौकरी के दौरान हुई मुलाकात
युवती के मुताबिक, जून 2025 में उसने ऋषिकेश स्थित एट्रियम इन होटल में रिसेप्शनिस्ट के पद पर नौकरी शुरू की थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात होटल मैनेजर नमन छाबड़ा से हुई। बातचीत का सिलसिला बढ़ा और दोनों के बीच नजदीकियां हो गईं। युवती का आरोप है कि नमन ने उससे शादी करने का भरोसा दिया। इसके बाद दोनों एक ही कमरे में रहने लगे। युवती का कहना है कि उसने नमन पर भरोसा करके उसके साथ भविष्य के सपने देखे, लेकिन धीरे-धीरे उसे महसूस होने लगा कि शादी का वादा केवल उसे अपने साथ बनाए रखने का जरिया था।
दूसरी युवती से बातचीत का पता चला तो उठने लगे सवाल
शिकायत के अनुसार, जनवरी 2026 में युवती को पता चला कि नमन किसी दूसरी युवती से भी बातचीत करता है। इस जानकारी के बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। युवती ने इसका विरोध किया और नमन से जवाब मांगा। आरोप है कि वह हर बार शादी का भरोसा देकर उसे शांत कर देता था। युवती के मुताबिक, इसी भरोसे में वह लंबे समय तक रिश्ते को निभाती रही।
युवक की जरूरतों के लिए लिया कर्ज, अब खुद भर रही किस्तें
इस मामले में आर्थिक शोषण के आरोप भी सामने आए हैं। युवती का कहना है कि नमन की जरूरतों को पूरा करने के लिए उसने कई बार अपनी जेब से रुपये दिए। इसके लिए उसे अलग-अलग लोन भी लेने पड़े। अब उन कर्जों की किस्तें वह खुद चुका रही है। युवती के अनुसार, दो मोबाइल फोन भी उसके नाम पर किस्तों में लिए गए थे, जिनकी ईएमआई का बोझ भी उसी पर है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 9 सितंबर 2026 को नमन ने आगरा आने का बहाना बनाकर उससे ऑनलाइन 28 हजार रुपये भी ले लिए। युवती का दावा है कि उसने रिश्ते पर भरोसा करके आर्थिक मदद की, लेकिन बाद में उसे अकेला छोड़ दिया गया।
नमन के पिता पर भी जबरदस्ती और गलत तरीके से छूने का आरोप
मामले में युवती ने नमन के पिता राकेश छाबड़ा पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक, सितंबर 2025 में उन्होंने उसके साथ जबरदस्ती करने और गलत तरीके से छूने की कोशिश की थी। युवती का आरोप है कि उस समय नमन फोन पर मौजूद था और पूरी घटना सुन रहा था, लेकिन उसने अपने पिता को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया। यह आरोप मामले को और गंभीर बना रहा है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच और साक्ष्यों के आधार पर होना बाकी है।
हरिद्वार के होटल में भी मिलने पहुंचा था युवक
युवती ने अपनी शिकायत में 5 अगस्त 2026 की एक और घटना का जिक्र किया है। उसके मुताबिक, इस दिन नमन उससे मिलने हरिद्वार के मोतीचूर स्थित अरिहंत होटल पहुंचा था। यहां दोनों की मुलाकात हुई थी। युवती ने इस मुलाकात को भी अपने आरोपों से जुड़ी घटनाओं के क्रम में पुलिस के सामने रखा है।
जीरो एफआईआर दर्ज, फिर भी कार्रवाई का इंतजार
युवती की शिकायत के आधार पर आगरा में दुष्कर्म के आरोपों में जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी। एफआईआर के उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, मामला क्षेत्राधिकार के आधार पर थाना ऋषिकेश, जिला देहरादून स्थानांतरित किया गया। युवती का आरोप है कि एफआईआर स्थानांतरित होने के बाद करीब 40 दिन गुजर चुके हैं, लेकिन उत्तराखंड पुलिस की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। वह लगातार पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर रही है और अपनी शिकायत पर कार्रवाई की मांग उठा रही है।
न्याय की उम्मीद में भटक रही युवती
युवती का कहना है कि उसने रिश्ते पर भरोसा करके अपना समय, पैसा और भावनाएं सब कुछ लगाया, लेकिन अब उसे कानूनी लड़ाई अकेले लड़नी पड़ रही है। शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने, आर्थिक शोषण और परिवार के सदस्य पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बीच अब निगाहें उत्तराखंड पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं।
सवाल यह है कि जब गंभीर आरोपों को लेकर जीरो एफआईआर दर्ज हो चुकी है और मामला संबंधित थाने को भेजा जा चुका है, तो जांच में अब तक क्या प्रगति हुई है? पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पुलिस कब तक कार्रवाई शुरू करेगी? फिलहाल इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और आरोपी पक्ष का बयान अभी सामने आना बाकी है।
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