आगरा में दशहरा शोभायात्रा को लेकर सियासत गरमाई, जटपुरा लोहामंडी मंदिर कमेटी ने पार्षदों के सभी आरोपों को साक्ष्यों के साथ नकारा

स्थानीय समाचार

आगरा: ताजनगरी के लोहामंडी स्थित ऐतिहासिक मंदिर श्रीराम चंद्र जी महाराज, जटपुरा में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर कमेटी और दशहरा शोभायात्रा के पदाधिकारियों ने स्थानीय पार्षदों द्वारा शोभायात्रा और मंदिर प्रबंधन पर लगाए गए तमाम आरोपों को पुख्ता साक्ष्यों के साथ सिरे से खारिज कर दिया।

कमेटी ने दोटूक शब्दों में कहा कि जनप्रतिनिधियों को सिर्फ राजनीति करने के बजाय अपनी जिम्मेदारी समझते हुए प्रभु श्रीराम के कार्यों में सहयोग करना चाहिए। दशहरा शोभायात्रा में अब मात्र तीन दिन शेष बचे हैं, लेकिन चिंताजनक बात यह है कि अभी भी काम करने के बजाय केवल राजनीतिक बयानबाजी और श्रेय लेने की होड़ मची हुई है।

​राजनीतिक दल से जुड़ने के कारण हटाने का लगाया जा रहा है आरोप

​प्रेस वार्ता के दौरान मंदिर कमेटी द्वारा नियुक्त दशहरा शोभायात्रा के अध्यक्ष विनय अग्रवाल ने पिछले वर्षों के आय-व्यय के दस्तावेज और रसीद बुक मीडिया के सामने प्रस्तुत किए। उन्होंने अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि उनका पूरा बचपन इसी क्षेत्र में भगवान राम की सेवा करते हुए बीता है और उनके पिता ने 50 वर्षों से भी अधिक समय तक इस मंदिर की निष्काम सेवा की है।

उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें अब केवल इस राजनीतिक पूर्वाग्रह के चलते मंदिर और शोभायात्रा की जिम्मेदारी से हटाने का प्रयास किया जा रहा है क्योंकि उन्होंने वर्ष 2022 में समाजवादी पार्टी जॉइन कर ली थी। सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “क्या अब भगवान की सेवा करने का अवसर भी कोई राजनीतिक पार्टी निर्धारित करेगी?” उन्होंने याद दिलाया कि इसी तरह की गंदी राजनीति के कारण वर्ष 2023 में शोभायात्रा की कार्यकारिणी का गठन तक नहीं किया गया था, जिसके परिणामस्वरूप शोभायात्रा को 56,809 रुपये का भारी घाटा उठाना पड़ा था।

​इसके बाद वर्ष 2024 में जब उन्हें अध्यक्ष बनाया गया, तो उन्होंने न केवल उस घाटे को पूरा किया, बल्कि मंदिर कमेटी को 1,43,462 रुपये बचाकर दिए। इसी तरह वर्ष 2025 में भी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने 1,07,558 रुपये की बचत करके दी, जिसका पूरा लेखा-जोखा पारदर्शी तरीके से मौजूद है।

​टूटी दीवार और फैली गंदगी पर पार्षदों को घेरा

मंदिर के प्रबंधक रामदास कटारा ने प्रेस वार्ता में रोष व्यक्त करते हुए कहा कि मंदिर की मुख्य दीवार पिछले तीन साल से टूटी हुई पड़ी है, लेकिन उसे ठीक कराने की सुध किसी भी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि ने नहीं ली। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक लोग केवल दशहरा शोभायात्रा के दौरान अपना रसूख और प्रभाव चमकाने की नीयत से दखल देते हैं। चंदे की रसीद बुक भी एक-एक साल बाद वापस लौटाई जाती हैं।

​दशहरा कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष हर्षित पाठक ने प्रशासनिक और स्थानीय व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि आगामी शोभायात्रा में अब केवल तीन दिन का समय बचा है, लेकिन विडंबना यह है कि शोभायात्रा के मुख्य मार्गों और मंदिर के आसपास के क्षेत्रों की नालियां गंदे पानी से भरी पड़ी हैं और जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। इस गंभीर समस्या की ओर किसी का ध्यान नहीं है। केवल इस बात की राजनीति चल रही है कि किसे पद से हटाना है और किसे नया पद देना है, जिसे मंदिर कमेटी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि दशहरा शोभायात्रा के संचालन के लिए मंदिर कमेटी की पूर्ण सहमति से ही वैध कार्यकारिणी की घोषणा की गई है। जो भी लोग श्रद्धाभाव से प्रभु राम की सेवा करना चाहते हैं, उनका स्वागत है, लेकिन मंदिर परिसर में राजनीति को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।

​ये रहे प्रमुख रूप से मौजूद

​इस प्रेस वार्ता और सभा में मुख्य रूप से मंदिर प्रबंधक रामदास कटारा, दशहरा शोभायात्रा अध्यक्ष विनय अग्रवाल, राजपाल यादव, कार्यकारी अध्यक्ष हर्षित पाठक, पापे भाई, महेश लोधी, कमल अग्रवाल, विनोद राजपूत, नैमी यादव, दिनेश यादव, देव शर्मा, टीटू पंडित, हर्ष यादव, जय किशन लोधी और नीरज राजपूत सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और मंदिर से जुड़े सेवादार उपस्थित रहे।

Dr. Bhanu Pratap Singh