खुशी के टिकट पर मातम का सफर: मेलों में झूलों की ‘फिटनेस’ महज औपचारिकता या सिस्टम का बड़ा खेल?
प्रियंका सौरभ स्वतंत्र पत्रकार, कवयित्री और व्यंग्यकार हरियाणा के सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेले में झूला टूटने की घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि हमारे यहाँ मनोरंजन भी जान जोखिम में डालकर ही किया जाता है। जिस मेले को संस्कृति, कला और पर्यटन का उत्सव कहा जाता है, वही मेला एक पल में चीखों, […]
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