अफ़गानिस्तान के साथ भारत के जुड़ाव और तालिबान

प्रियंका सौरभ अफ़गानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद भारत ने काबुल में अपना दूतावास फिर से खोल दिया है। भारत ने अब तक केवल तालिबान को अलग-थलग करने पर ध्यान केंद्रित किया है। हालाँकि, एक सीमा के बाद, यह विकल्प कम लाभ देगा, क्योंकि कई अन्य देश अब तालिबान से जुड़ना शुरू कर रहे […]

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आशुतोष की पुस्तक ‘वकील साहब’ को साहित्यिक सम्मान

पटना। विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर वाराणसी के पराड़कर स्मृति भवन में आयोजित प्रान्ति इंडिया (साहित्यिक संस्था) के वार्षिकोत्सव-2025 के अवसर पर लेखक आशुतोष को उनकी पुस्तक ‘वकील साहब (Wakeel Sahab)’ के लिए स्मृति चिह्न एवं चांदी का सिक्का देकर सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि पिछले लगभग […]

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पूंजीवाद के अरबी घोड़े: क्या 90 घंटे कार्य करना नौजवानों की देशभक्ति का प्रमाण होगा?

(लेखक विमल शंकर सिंह, डी.ए.वी.पी.जी. कॉलेज, वाराणसी के अर्थशास्त्र विभाग में प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष रहे हैं) देश एक ऐसे दौर से गुजर रहा है जिसमें सामाजिक-आर्थिक दशाओं में विष्मयकारी परिवर्तन दिखाई पड़ रहे हैं ।विकास की चाह ने आज हमें उस चौखट पर खड़ा कर दिया है, जहां अभी हाल तक सरकारें माथा टेकने से […]

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दुनिया में सनातन की ध्वजा लहराने वाले स्वामी विवेकानन्द की पांच शिक्षाएं जो सदा प्रासंगिक रहेंगी

स्वामी विवेकानंद का नाम भारतीय संस्कृति दर्शन और अध्यात्म की दुनिया में एक अद्वितीय स्थान रखता है। उनका जीवन और उनकी शिक्षाएं न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व के लिए प्रेरणा स्रोत बनीं। आज दिनांक 12 जनवरी 2025 को सम्पूर्ण विश्व में स्वामी विवेकानन्द जी की 162 वी जन्म वर्षगांठ बड़े धूमधाम से हर्षोल्लास के […]

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दैदीप्यमान व्यक्तित्व और विनम्रता का संगम: अंतरराष्ट्रीय भागवत प्रवक्ता संजय शास्त्री जी महाराज

डॉ. भानु प्रताप सिंह Live Story Time सरलता और महानता का अप्रतिम स्वरूप मैंने अपने जीवन में अनेक कथावाचकों से मिलने और उनके आभामंडल को करीब से देखने के बाद यह स्वीकार करना स्वाभाविक है कि अधिकतर कथावाचक अपनी भव्यता, ठाठ-बाट और राजसी आभा में लिप्त रहते हैं। भागवत कथा के मंच पर उनका साक्षात्कार […]

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रिटायर्ड अफ़सरों के बोझ तले दबा आरटीआई का ढाँचा

डॉ सत्यवान सौरभ सेवानिवृत्त अधिकारी उन विभागों के खिलाफ निर्णय लेने में संकोच कर सकता है, जिनके लिए उन्होंने कभी काम किया था, जिससे समझौतापूर्ण फैसले होते हैं। पारदर्शिता में विशेषज्ञता की कमी एक बड़ा मुद्दा है। सेवानिवृत्त सिविल सेवकों में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक विशेष ज्ञान की कमी हो सकती है, […]

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धार्मिक समाज सुधारकों की परंपरा को बचाने की लड़ाई – एड. संजय पांडे

एड. संजय पांडे शिवगिरी मठ सभी दलों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखता है। वार्षिक शिवगिरी यात्रा के दौरान राजनीतिक दलों के नेताओं को यात्रियों को संबोधित करने का अवसर दिया जाता है। हाल के वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने यात्रियों को संबोधित किया […]

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ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस को मात दे पायेगा भारत ?

डॉ सत्यवान सौरभ भारत को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन पहलों के माध्यम से निगरानी, निदान और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करके मानव मेटान्यूमोवायरस जैसे उभरते वायरल खतरों से निपटने के लिए अपने नियामक ढांचे को बढ़ाना चाहिए। वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के साथ-साथ वैक्सीन और एंटीवायरल अनुसंधान में निवेश से ऐसे प्रकोपों को कम करने में […]

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समीक्षा: कृष्ण कुमार यादव और आकांक्षा की युगल रचनाधर्मिता पर केंद्रित ‘सरस्वती सुमन’ का संग्रहणीय विशेषांक

हिंदी भाषा और साहित्य के विकास में आदिकाल से ही तमाम साहित्यकारों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। किसी कवि, लेखक या साहित्यकार को अगर ऐसा जीवनसाथी मिल जाए जो खुद भी उसी क्षेत्र से जुड़ा हो तो यह सोने पर सुहागा जैसी बात होती है। एक तरीके से देखा जाए तो ऐसे लेखकों या लेखिकाओं […]

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मां सावित्री बाई फुले: एक महान सामाजिक सुधारक, शिक्षाविद् , महिलाओं और दलितों उद्धारक

सावित्री बाई फुले एक महान सामाजिक सुधारक, शिक्षाविद् और कवयित्री थीं, जिन्होंने भारतीय समाज में महिलाओं और दलितों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उनका जन्म 3 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के नायगांव में हुआ था। सावित्री बाई फुले का जीवन और कार्य सावित्री बाई फुले का विवाह ज्योतिराव फुले से हुआ था, जो एक […]

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