नई ‘भारतीय-भाषा’ बनाइए…भाषा का झगड़ा मिटाईए…

नई दिल्ली [भारत], 29 जनवरी: भारत की राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने हेतु संदेश देते हुए, वर्तमान नामधारी मुखी ठाकुर दलीप सिंघ जी ने कहा कि भारत को “विश्व गुरु” बनाने के लिए तथा राष्ट्र की तरक्की करने के लिए; हिन्दी तथा दक्षिणी भाषाओं का झगड़ा मिटाने की आवश्यकता है; तभी भारतवासी एक हो कर, […]

Continue Reading
tiranga yatra

भारतीय गणतंत्र दिवस: वर्तमान परिप्रेक्ष्य में भारतीय लोकतंत्र की प्रासंगिकता

डॉ प्रमोद कुमार भारतीय गणतंत्र दिवस, 26 जनवरी, भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण दिन है। यह दिन 1950 में भारतीय संविधान के लागू होने और भारत के एक गणतंत्र के रूप में स्थापित होने का प्रतीक है। यह न केवल भारत के लोकतांत्रिक ढांचे की नींव को दर्शाता है, बल्कि यह हमारे मूलभूत […]

Continue Reading

गणतंत्र दिवस विशेष: संविधान सभा की बहस से संबंधित तथ्य

डॉ राकेश कुमार आर्य( लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता हैं ) आज देश अपना ७६ वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। २६ जनवरी १९५० भारतीय संविधान के लागू होने की तिथि है। उस दिन हमारे सनातन राष्ट्र भारतवर्ष ने अपने गणतंत्र का […]

Continue Reading

विकसित भारत 2047 के लिए कृषि सुधारों में व्यापक दृष्टिकोण आवश्यक

प्रियंका सौरभ विकसित भारत 2047 को प्राप्त करने के लिए, कृषि सुधारों के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण आवश्यक है जो कल्याणकारी उपायों को बाजार-संचालित तंत्रों के साथ जोड़ता है। भारत एक ऐसे कृषि क्षेत्र की गारंटी दे सकता है जो समावेशी, लचीला और पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ हो, किसानों को सशक्त बनाए और देश […]

Continue Reading

हवा में फैला ज़हर: खराब से बहुत खराब AQI के बीच क्या करें दिल्ली वासी!

पायल गुप्ता।पायल दिल्ली से हैं और जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता शोध छात्र हैं। दिल्ली में वायु प्रदूषण इन दिनों गम्भीर स्थिति में पहुंच गया है। इस कारण दिल्ली में रहने वाले हर उम्र के लोगों को गम्भीर बीमारियों का खतरा है, हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन बीमारियों से बचाव के लिए दिल्ली […]

Continue Reading

आत्मनिर्भरता को मज़बूत करते हुए चीन के साथ भारत के सम्बंध…

प्रियंका सौरभ भारत की सागरमाला परियोजना हंबनटोटा जैसे समुद्र में चीनी प्रभाव को संतुलित करने के लिए रणनीतिक भारतीय बंदरगाहों के विकास को सुनिश्चित करती है। भारत चीन के आपूर्ति शृंखला प्रभुत्व का मुकाबला करने के लिए बांग्लादेश, नेपाल और अफ्रीकी देशों जैसे पड़ोसी देशों में क्षेत्रीय विनिर्माण केंद्र विकसित करने में रणनीतिक रूप से […]

Continue Reading

जाने कहाँ गए वो दिन…बचपन की वो सुनहरी यादें जो कभी-कभी सजीव होकर चेहरे पर मुस्कान ला देती हैं

जाने कहाँ गए वो दिन, जब बचपन की मासूमियत और बेफिक्री जीवन का हिस्सा हुआ करती थी। आज, समझदारी और जिम्मेदारियों के बोझ तले दबे हुए, वो दिन किसी खूबसूरत ख्वाब जैसे लगते हैं। वो पल, जब न भविष्य की चिंता थी, न किसी बात का डर, सिर्फ खेल-कूद, दोस्तों के साथ शरारतें और हर […]

Continue Reading

Agra News: जब तक आगरा गंदगी से जंग नहीं जीत लेता तब तक कैसा, काहे का स्मार्ट सिटी?

बृज खंडेलवाल आगरा अपने पर्यटन और सांस्कृतिक महत्व के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। सालाना लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है। अपनी वैश्विक पहचान के बाबजूद आगरा की छवि एक निहायती गंदे शहर के रूप में प्रचलित है। स्मार्ट सिटी मिशन 2016 में शुरू हुआ था, लेकिन लगभग दस वर्षों में आगरा को आगरा […]

Continue Reading

2025 में तीसरे विश्व युद्ध के आसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की की राशि विवेचन के बाद पं. प्रमोद गौतम का निष्कर्ष

आगरा: वैदिक सूत्रम चेयरमैन विश्वविख्यात एस्ट्रोलॉजर पं. प्रमोद गौतम ने मीडिया से बातचीत में नववर्ष में 01अप्रैल 2025 से लेकर 16 अप्रैल 2030 तक के आध्यात्मिक रहस्यमयी तथ्यों के संदर्भ में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि नववर्ष 2025 के शुरुआत में ही सम्पूर्ण विश्व के अनेक देशों में हाहाकार मचा हुआ है […]

Continue Reading

नतीजों को मिलते पुरस्कार, कोशिशें रहती गुमनाम…

डॉ सत्यवान सौरभ परिणामों पर ज़ोर देने से क्रमिक शिक्षा और सुधार का महत्त्व कम हो जाता है, जिससे सफलता अस्थिर हो जाती है। ऋषभ पंत जैसे क्रिकेटर, जिनकी शुरुआत में असंगतता के लिए आलोचना की गई थी, ने समय के साथ लगातार सुधार करके सम्मान प्राप्त किया। परिणाम-उन्मुख मानसिकता शॉर्टकट या अनैतिक प्रथाओं को […]

Continue Reading