कामुकता को स्वछन्द करती पॉप संस्कृति
डॉ सत्यवान सौरभ आजकल, हमारी इच्छाएँ और धारणाएँ अक्सर फ़िल्मों और टेलीविजन पर दिखाई जाने वाली छवियों और कथाओं से प्रभावित होती हैं। ये चित्रण प्रायः रूढ़िवादिता की ओर अधिक झुके होते हैं। उदाहरण के लिए, पारंपरिक रूप से आकर्षक महिलाओं पर ज़ोर देने से लड़कियों और महिलाओं में उन जैसा दिखने की भावना पैदा […]
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