तलाक की भेंट चढ़ते ‘तेरे मेरे सपने’: जब सपने बिखरते हैं, प्रेम विवाह में तलाक बढ़ते हैं

प्रियंका सौरभ आजकल तलाक के बढ़ते मामलों ने समाज में एक नई चिंता को जन्म दिया है। चाहे अरेंज मैरिज हो या प्रेम विवाह, रिश्तों में दूरियाँ बढ़ने से वैवाहिक जीवन अस्थिर होता जा रहा है। तलाक सिर्फ़ दो लोगों को ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों, बच्चों और समाज को भी प्रभावित करता है। इसलिए, […]

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सुनीता विलियम्स की उपलब्धियाँ न केवल भारतीय वैज्ञानिकों बल्कि देश के युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत

डॉ सत्यवान सौरभ सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की धरती पर सुरक्षित वापसी एक बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि मानी जा रही है। वे जून 2024 में बोइंग के “स्टारलाइनर” मिशन के तहत अंतरिक्ष गए थे, लेकिन तकनीकी खामियों के चलते उनकी वापसी में नौ महीने की देरी हुई। इस कारण वे अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर […]

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चिंताजनक है सरकारी अधिकारियों का दुरुपयोग

प्रियंका सौरभ सरकारी अधिकारियों के साथ बढ़ता दुर्व्यवहार एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनता जा रहा है, क्योंकि वे अपने कर्तव्यों को निष्पक्ष और बिना किसी पक्षपात के निभाने का प्रयास करते हैं। कई सिविल सेवकों को अक्सर अपने विकल्पों से असंतुष्ट व्यक्तियों या समूहों से धमकियों, उत्पीड़न और अनुचित दबाव का सामना करना पड़ता है। यह […]

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रुपये (₹) के चिह्न को लेकर विवाद: भाषा का सम्मान या राजनीति का हथकंडा?

डॉ सत्यवान सौरभ केवल वाद विवाद से हल नहीं निकलेगा। संविधान में ये कानून होना चाहिए कि कोई भी राज्य या राज्य सरकार राष्ट्रीय स्तर पर उपयोग की जाने वाली या मानी जाने वाली वस्तुओं पर अपने से निजी परिवर्तन नहीं कर सकती। ऐसा किया जाना देश द्रोह माना जाए और ज़िम्मेदार व्यक्ति को पदच्युत […]

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दुर्लभ बीमारियों के बोझ तले कहराते मरीज

डॉ सत्यवान सौरभ दुर्लभ बीमारी एक स्वास्थ्य समस्या है जो कभी-कभार होती है और सीमित संख्या में व्यक्तियों को प्रभावित करती है। इस श्रेणी में आनुवंशिक विकार, असामान्य कैंसर, संक्रामक रोग और अपक्षयी स्थितियाँ शामिल हैं। वैश्विक स्तर पर 7, 000 से अधिक मान्यता प्राप्त बीमारियों में से केवल 5% के लिए ही प्रभावी उपचार […]

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“बुरा न मानो, होली है”: मस्ती और ठिठोली, लेकर आई होली

डॉ सत्यवान सौरभ होली एक जीवंत और रंगीन उत्सव है जो प्रेम, एकता और एकजुटता का प्रतीक है। यह हमारे मतभेदों को दूर करने और सद्भाव, क्षमा और खुशी को अपनाने का समय है। यह सर्दियों के अंत का आभार व्यक्त करने का एक रंगीन तरीका है और वसंत के आगमन का प्रतीक है। यह […]

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होली रे होली तेरे रंग कितने: भारत के साथ विदेशों में भी बिखरे हैं होली के रंग

आकांक्षा यादव(कॉलेज में प्रवक्ता, विचारक-चिंतक, कवयित्री-साहित्यकार) दुनिया विभिन्न रंगों से भरी पड़ी है। रंगों के बिना कोई भी सौन्दर्य अधूरा लगता है। तभी तो हमारी परंपरा में रंगों का त्योहार समाहित किया गया है। संभवतः मानव ने जब से रंगों को पहचानना आरंभ किया, उसके उत्सवी रूप को भी तभी रंग दिया। इतिहास में झांककर […]

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ज़माने के संग रंग बदलती होली: “हैप्पी होली” के मैसिज ने ली दिल से जुड़े रिश्तों की जगह..

प्रियंका सौरभ आज हम जो होली मनाते हैं, वह पहले की होली से काफ़ी अलग है। पहले, यह त्यौहार लोगों के बीच अपार ख़ुशी और एकता लेकर आता था। उस समय प्यार की सच्ची भावना होती थी और दुश्मनी कहीं नहीं दिखती थी। परिवार और दोस्त मिलकर रंगों और हंसी-मजाक के साथ जश्न मनाते थे। […]

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शादी के बाद भी सपनों को उड़ान देती महिलाएं: डिजिटल युग में संभव हुआ संतुलन

पायल गुप्ता।पायल दिल्ली से हैं और जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता शोध छात्र हैं। शादी के बाद व्यक्तिगत पेशेवर जीवन को संभालना अक्सर महिलाओं के लिए चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन डिजिटल तकनीक ने इस संघर्ष को कम करते हुए नए अवसर खोले हैं। आज हम ऐसी ही कुछ प्रेरणादायक महिलाओं की कहानियाँ साझा करेंगे, जिन्होंने […]

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भाईचारे और सद्भाव के प्रेम की दिव्य प्रकृति का प्रतीक है होली

डॉ सत्यवान सौरभ होली एक जीवंत और रंगीन उत्सव है जो प्रेम, एकता और एकजुटता का प्रतीक है। यह हमारे मतभेदों को दूर करने और सद्भाव, क्षमा और खुशी को अपनाने का समय है। यह सर्दियों के अंत का आभार व्यक्त करने का एक रंगीन तरीका है और वसंत के आगमन का प्रतीक है। यह […]

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