इतिहास का बोझ: कब तक हमारी पीढ़ियाँ झुकती रहेंगी?
प्रियंका सौरभ स्वतंत्र पत्रकार, कवयित्री और व्यंग्यकार मुझे यह सोचकर पीड़ा होती है कि आज भी हमारे बच्चों को इतिहास के नाम पर मुग़ल शासकों की गाथाएँ पढ़ाई जाती हैं, जबकि चाणक्य, चित्रगुप्त और छत्रपति शिवाजी जैसे हमारे महान विचारकों और योद्धाओं को पाठ्यक्रम में पर्याप्त स्थान नहीं मिलता। मेरा मानना है कि इतिहास केवल […]
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