भारतीय स्कूली शिक्षा प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता

प्रियंका सौरभ विभिन्न शैक्षिक सुधारों और नीतियों के बावजूद, भारत की स्कूली शिक्षा प्रणाली को बहुआयामी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। भारत की स्कूली शिक्षा प्रणाली में महत्त्वपूर्ण बदलाव हुए हैं, जो लंबे समय तक चलने वाले शैक्षणिक पथ और सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक कौशल के बीच की खाई के कारण चुनौतियों का […]

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कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म का प्रतिबंध…

प्रियंका सौरभ पहुँच को प्रतिबंधित करने से माता-पिता और अभिभावकों को अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों को बेहतर ढंग से निर्देशित करने और यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि वे पर्यवेक्षित तरीके से तकनीक से जुड़ें। हमें बच्चों और युवाओं को ऑनलाइन स्पेस को बेहतर तरीके से नेविगेट करने में मदद करने की […]

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सार्वजनिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा की लापरवाही, जिम्मेदार कौन!

डॉ सत्यवान सौरभ भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा चलाए जाने वाले जागरूकता अभियान अग्नि रोकथाम और आपातकालीन प्रतिक्रिया के बारे में ज्ञान फैलाने में मदद कर सकते हैं। अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन करने वाले अस्पतालों को सब्सिडी या अनुदान जैसे प्रोत्साहन प्रदान करने से बेहतर कार्यान्वयन को बढ़ावा मिल सकता है। झांसी में अस्पताल […]

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बीमा सखी योजना: ग्रामीण महिलाओं को बनायेगी सशक्त

प्रियंका सौरभ भारत के प्रधानमंत्री 9 दिसम्बर 2024 को पानीपत से महिलाओं के लिए ‘बीमा सखी’ योजना शुरू की है। उल्लेखनीय है कि उन्होंने 22 जनवरी 2015 को पानीपत से ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान भी शुरू किया था। बीमा सखी योजना का उद्देश्य बीमा के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना […]

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होम्योपैथी का लोकप्रिय केंद्र बन रहा है आगरा

बृज खंडेलवाल आगरा। आगरा होम्योपैथी उपचार के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो चुका है, जहां स्थानीय होम्योपैथ डॉक्टर्स को उनके अग्रणी प्रयासों के लिए अंतर्राष्ट्रीय मान्यता मिल रही है। एक प्रतिष्ठित जर्मन समूह ने हाल ही में नेमिनाथ होम्योपैथी मेडिकल कॊलेज और अस्पताल चलाने वाले डॉ. प्रदीप गुप्ता को सम्मानित किया। पिछले […]

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बांग्लादेश की धरती पर भारत के खिलाफ साजिशें

प्रियंका सौरभ बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के जुलाई में हुए तख्तापलट के बाद से ही भारत विरोधी लहर चल रही है। हिंदुओं के खिलाफ हिंसा भी चरम पर है। भारत में आतंकी गतिवधियों को अंजाम देने के लिए कुल 20 से 22 टेरर कैंप खड़े किए गए हैं। ये सभी कैंप्स उन इलाकों में […]

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महिलाओं पर बढ़ता बोझ: परिवार नियोजन में पुरुषों की कम भागीदारी

प्रियंका सौरभ कई पुरुष इसे अपनी “मर्दानगी” पर आघात मानते हैं। वहीं, पारंपरिक धारणाएँ और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की कमी ने भी इस प्रक्रिया को अपनाने में रुकावटें खड़ी की हैं। पुरुष नसबंदी महिलाओं की तुलना में एक सरल और सुरक्षित प्रक्रिया है। इसे अपनाने से न केवल महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी […]

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खतरनाक होता बायोमेडिकल वेस्ट: लापरवाही पड़ रही है भारी

स्वास्थ्य सेवा गतिविधियों द्वारा उत्पन्न कुल अपशिष्ट में से लगभग 85% सामान्य, गैर-खतरनाक अपशिष्ट है। शेष 15% को खतरनाक सामग्री माना जाता है जो संक्रामक, विषाक्त, कैंसरकारी, ज्वलनशील, संक्षारक, प्रतिक्रियाशील, विस्फोटक या रेडियोधर्मी हो सकता है। हर साल दुनिया भर में अनुमानित 16 बिलियन इंजेक्शन लगाए जाते हैं, लेकिन सभी सुइयों और सिरिंजों का उचित […]

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धार्मिक स्थलों पर विवाद: सैकड़ों वर्षों की गुलामी के बाद आज सनातन संस्कृति का हो रहा पुनरुद्धार

प्रियंका सौरभ धार्मिक विवादों में न्यायिक फैसले अक्सर राजनीतिक लामबंदी के उपकरण बन जाते हैं, जो न्यायपालिका की तटस्थता बनाए रखने की क्षमता को चुनौती देते हैं। संविधान के धर्मनिरपेक्ष चरित्र के साथ धार्मिक अधिकारों को संतुलित करना एक महत्त्वपूर्ण चुनौती है, खासकर जब निर्णयों को एक समुदाय के पक्ष में माना जाता है। विवादित […]

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वृंदावन में घटती हरियाली के बीच उम्मीद की एक किरण: विकसित हो रहा है एशिया का सबसे बड़ा सिटी फॉरेस्ट

बृज खंडेलवाल ब्रज भूमि, खास तौर पर गोवर्धन और वृंदावन में हरियाली की भयावह गिरावट एक दुखद विडंबना को दर्शाती है। कभी हरे-भरे जंगलों, मैंग्रोव, पवित्र तालाबों और यमुना के शांत घाटों की जीवंत तासीर वाला यह क्षेत्र अब तेजी से हो रहे शहरीकरण के खूंखार पकड़ का शिकार हो रहा है। कृष्ण की बांसुरी […]

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