दिव्यांग दर्पण पत्रिका के प्रधान संपादक प्रताप सिंह सिसोदिया ने कराया आयोजन
कवियों ने सिर्फ कविता पाठ किया, कोई चुटकुलेबाजी नहीं, मंच की गरिमा कायम रही
बिहार से आईं कवयित्री मीनाक्षी मीनल की काव्यकृति ‘सबको नदी चाहिए’ का लोकार्पण
Agra, Uttar Pradesh, India. दिव्यांग दर्पण पत्रिका के प्रधान संपादक प्रताप सिंह सिसोदिया एडवोकेट ने ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के उपलक्ष में अखंड कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया। 18 को दोपहर प्रातः 9 बजे से शुरू हुआ और 19 अगस्त तक सतत रूप से 27 घंटा चला। इस मौके पर उन्होंने अपने पुत्र भानु प्रताप सिंह प्रथम जन्मोत्सव भी मनाया। खास बात यह रही कि कवियों ने सिर्फ कविता पाठ किया। कोई चुटकुलेबाजी नहीं हुई। मंच की गरिमा को कायम रखा गया।
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि कार्यक्रम 18 अगस्त को प्रातः 9 बजे प्रारंभ होकर लगातार 27 घंटे तक अनवरत चलते हुए 19 अगस्त को दोपहर 12 बजे अंतिम सत्र का समापन हुआ। कार्यक्रम का प्रारंभ एवं समापन वैदिक हवन से हुआ। उपस्थित कवियों ने अपनी कविताओं से खूब हंसाया, गुदगुदाया, भक्ति, करुण ओज आदि नवरस काव्य से खूब तालियां बटोरी। दो – दो घंटे के सत्रों में आयोजित कार्यक्रम भव्यतापूर्ण रहा। उपस्थित महानुभावों ने चि. भानु प्रताप सिंह को कोटि-कोटि आशीष प्रदान किये।

कार्यक्रम में देशभर के प्रत्येक प्रान्त से कवि व वक्ताओं ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई। प्रमुख रूप से कवि नरेंद्र शर्मा “नरेन्द्र” अलीगढ़, सुरेश सिंह “फक्कड़” उन्नाव, ग़ाफ़िल स्वामी अलीगढ़, अर्जुन सिंह चाँद झांसी”, डॉ. भानु प्रताप सिंह (वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, कवि आगरा), प्रेम शर्मा “प्रेम” नोएडा, डॉ. भगवती प्रसाद मिश्र “अतीत” जैतपुर, हरि बहादुर सिंह “हर्ष”, प्रतापगढ़, सतेंद्र सिंह ” सौम्य” प्रतापगढ़, देवेंद्र सिंह चौहान हरदोई, डॉ. मीनाक्षी मीनल मुजफ्फरपुर बिहार, धीरेंद्र सिंह बिभु टीकमगढ़ म.प्र., विकल फर्रुखाबादी, रामेन्द्र ब्रजवासी मथुरा, चाँदनी समर मुजफ्फरपुर बिहार, राजकुमार सिसोदिया हापुड़, अशोक अश्रु, डॉ. राजेंद्र मिलन, मुकेश कुमार, ऋषि वर्मा, कुमारी आरती, अजय सिंह राठौड़, धर्मेंद्र सिंह राजपूत, कामेश मिश्र सनसनी, वंदना चौहान और मान सिंह ‘मनहर’ आदि ने काव्यपाठ किया।
कवयित्री मीनाक्षी मीनल की काव्यकृति ‘सबको नदी चाहिए’ का लोकार्पण डॉ. भानु प्रताप सिंह, फक्कड़, प्रताप सिंह सिसोदिया, हरि बहादुर सिंह “हर्ष” आदि ने किया। पुस्तक में मुजफ्फर की लीची पर कविता हर किसी के मन को भाई।

आगरा के वरिष्ठ पत्रकार डॉ. भानु प्रताप सिंह ने द्वितीय सत्र के मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उनका सम्मान किया गया। उन्होंने बृज भाषा में लोकगीत सुनाया-
बनिगौ-बनिगौ रे विधायक मेरो बाप कि तू किस खेत की मूरी है..

यज्ञ, हवन व मां शारदे के वंदन से प्रारंभ कार्यक्रम पूर्णतः सफल रहा । दिव्यांग दर्पण पत्रिका परिवार के सौजन्य से सभी कवि, कविता प्रेमियों के सम्मान, रुचिकर भोजन व निवास की उचित व्यवस्था की गई। प्रताप सिंह सिसोदिया जी के साथ श्रीमती नीरज प्रताप सिंह सिसोदिया, कुमारी लक्ष्मी, कुमारी रोशनी, बहन उर्मिला, बहन इंद्रा, अजय सिंह राठौड़, नरेश गोस्वामी और मान सिंह ‘मनहर’ ने व्यवस्था सँभाली।

उपस्थित महानुभावों ने कार्यक्रम के आयोजक संपादक प्रताप सिंह सिसोदिया एडवोकेट की भूरि-भूरि प्रशंशा की। उनके प्रति आभार व्यक्त किया। सुंदर आयोजन के लिए प्रताप सिंह सिसोदिया का सम्मान भी किया गया।
- WildHub Casino – Wo jeder Spieler wichtig ist in Österreich - October 15, 2026
- Rodeoslot Casino – Přihlašovací průvodce pro nové hráče v Německu - October 15, 2026
- I Tested Every Wild Robin Casino Bonus Category Here Is What UK Players Ought To Know - October 14, 2026