यमुना के लिए कान्हा बनकर आया Lock down, पढ़िए क्या हुआ

यमुना के लिए कान्हा बनकर आया Lock down, पढ़िए क्या हुआ

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आगरा/मथुरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा यमुना शुद्धिकरण को लेकर करोड़ों रुपए खर्च किए गए लेकिन यमुना का स्वच्छ नहीं हो सकी। कोरोनावायरस के कारण भारत में लॉकडाउन है। इसका लाभ यमुना नदी को मिला है। यमुना का जल काफी हद तक साफ हो चुका है। इससे यमुना भक्तों में उत्साह है।  भक्त कह रहे हैं कि तालाबंदी तो यमुना के लिए कृष्ण बनाकर आई है। कृष्ण ने यमुना को कालिया नाग के विष से उबारा था और अब लॉकडाउन में यही काम स्वयमेव हो गया है।

पीने योग्य हो गया यमुना जल

जिस कालिंदी में कभी विषैला और बदबूदार पानी हुआ करता था, वही पानी आज मोती की तरह चमकता दिखाई दे रहा है। यमुना आचमन करने आने वाले लोग आज यमुना जल को पीने योग्य मान रहे हैं। लोग यमुना जल को ग्रहण भी कर रहे हैं। कान्हा की नगरी के जिन घाटों पर गंदगी का अंबार लगा रहता था, बदबू रहती थी, गंदगी पड़ी रहती थी वह अब दिखाई नहीं दे रही है। विश्राम घाट, गऊघाट हो या ध्रुव घाट, सभी जगह स्वच्छ जल है। यमुना भक्त सुशील कहते हैं कि फैक्ट्रियों से निकलने वाला विषैला पानी अगर बंद किया जाए तो यमुना का जल शुद्ध हो जाएगा।

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हो चुके हैं कई आंदोलन

यमुना शुद्धिकरण को लेकर अनेक आंदोलन चलाए गए। बृज से पद्मश्री रमेश बाबा ने भी यमुना को शुद्ध करने के लिए आंदोलन किया। 2015 में बरसाना से लेकर दिल्ली तक पैदल यात्रा की थी।

क्या कहते हैं यूपी सरकार के मंत्री

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण का कहना है भगवान श्रीकृष्ण ने हमारी पैदल यात्रा को देखते हुए यमुना को स्वतः ही इतना निर्मल कर दिया। 25-30 साल पहले जैसी यमुना हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लॉक डाउन से लोगों को बचा रहे हैं और लॉकडाउन के बाद यमुना शुद्ध हुई है। 

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