भारत की अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार, दूसरी तिमाही में 8.2% की मजबूत ग्रोथ

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नई दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में दमदार प्रदर्शन करते हुए 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की है। शुक्रवार (28 नवंबर) को सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई से सितंबर की अवधि में जीडीपी ग्रोथ पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 5.6 प्रतिशत की तुलना में काफी अधिक रही। इस प्रदर्शन की वजह से वित्त वर्ष की पहली छमाही की औसत विकास दर 8 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 6.1 प्रतिशत थी।

सरकार द्वारा जारी बयान में बताया गया कि जुलाई-सितंबर तिमाही में नॉमिनल जीडीपी में 8.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि आठ प्रतिशत से अधिक की रियल जीडीपी ग्रोथ के पीछे द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र की मजबूत भूमिका रही।

इस तिमाही में द्वितीयक क्षेत्र की वृद्धि दर 8.1 प्रतिशत रही, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग ने 9.1 प्रतिशत और निर्माण क्षेत्र ने 7.2 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की। तृतीयक क्षेत्र में ग्रोथ 9.2 प्रतिशत दर्ज की गई, जहां वित्तीय, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सर्विसेज में 10.2 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की वृद्धि दर 3.5 प्रतिशत रही, जबकि बिजली, गैस, पानी और अन्य उपयोगिता सेवाओं ने 4.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।

घरेलू उपभोग के मोर्चे पर भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। निजी अंतिम उपभोग व्यय में दूसरी तिमाही में 7.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 6.4 प्रतिशत थी। हालांकि सरकारी अंतिम उपभोग व्यय में इस बार गिरावट देखने को मिली और यह 2.7 प्रतिशत कम हुआ, जबकि पिछले वर्ष यह 4.3 प्रतिशत बढ़ा था।

वैश्विक व्यापार गतिविधियों में भी गति देखी गई। जुलाई-सितंबर तिमाही में देश के निर्यात में 5.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो पिछले वर्ष 3 प्रतिशत थी। आयात में भी इस वर्ष उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई और यह 12.8 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह वृद्धि केवल एक प्रतिशत थी।

कुल मिलाकर, मैन्युफैक्चरिंग, सेवा क्षेत्र और उपभोग गतिविधियों में आई मजबूती ने भारतीय अर्थव्यवस्था को दूसरी तिमाही में नई ऊर्जा दी है, जिससे आने वाले महीनों के लिए विकास की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं।

Dr. Bhanu Pratap Singh